Hindi Poem For Class 3 Competition

We are sharing easy to learn Best Hindi Poem For Class 3 Competition. These articles will help children to learn their school syllabus of the Hindi Language.

Today we are sharing poetry in easy-to-learn language for class 3. In primary classes, children were taught poetry or stories for emotional, analytical, and mental development through the curriculum. You will be surprised to know that these poems and stories help children in their mental development. Poems, and stories improve reading, writing, speaking, and comprehension skills in children.

Hindi Poem For Class 3

Hindi Poem For Class 3 Competition

चूहा और ऐनक
घूम रहा था चूहा घर में
टेबल के ऊपर वह आया
वहां पड़ा था सुंदर ऐनक
जो था उसे बहुत ही भाया …

ऐनक लेकर कान चढ़ाया
और सामने दर्पण पाया
देखा उसने एक बड़ा सा
चूहा उसके सम्मुख आया …

आंख तरेरी उसने उस पर
वही रूप उस पर भी छाया
लपका उस पर जब यह चूहा
दर्पण से जाकर टकराया …

बार-बार टकराए दोनों
कोई उनमें जीत न पाया
चूहा लगा बैठ सुस्ताने
वैसा ही दूजा सुस्ताया …

शिथिल हुआ जब पहला चूहा
मुड़ा और बिल घुसने धाया
उसे देखकर दूजे ने भी
उसी दिशा में कदम बढ़ाया …

वर्षा जल

चुन्नू मुन्नू गुड़िया रानी,
बरस रहा है ठंडा पानी।
पानी गिरा और चेहरे खिले,
वर्षा में नहीं करो नादानी।।

सरिता गीता रोहित आये,
सिर पर छाते खोले आये।
छपक-छपक कर चलते देखो,
चारों तरफ है गिरता पानी।।

झील सरोवर नदियां भर गईं,
हरियाली से धरती सज गई
झींगुर दादुर पपीहा बोले,
मछली करती है मनमानी।।

कितनी सुन्दर वर्षा रानी,
सबको भाती लगे सुहानी ।
पशु पक्षी भी मस्त हुए हैं,
वर्षा ऋतु की यही कहानी।।
-कमलसिंह चौहान

धरती देती सब कुछ

धरती का आंगन।
लगता मन भावन।।
झरने झील नदियां।
यहाँ फूल कलियां।।

गन्ना गुड़ शहद।
पीपल केला बरगद।।
धरती है दयालु।
मिट्टी दोमट बालू।।

देती हमें सम्बल।
सोना चांदी पीतल।।
जल में है हलचल।
गंगा यमुना चम्बल।।

सुन्दर संगमरमर।
एक से एक बढ़कर।।
गाय भैंस ढोर।
कोयल चीता मोर।।

बुलबुल का चहकना।
गौरेया का फुदकना।।
धरती देती सब कुछ।
लेती नहीं कभी कुछ।।
-हरजीत निषाद

Hindi Poem For Class 3

पापा कैसी कार मंगाई?

पापा कैसी कार मंगाई।
आठ लाख में घर आ पाई।

मुझको तो गाड़ी यह पापा,
बहुत-बहुत छोटी लगती है।
अपने घर के सब लोगों के,
लायक नहीं मुझे दिखती है।

फिर भी जश्न मना जोरों से,
घर-घर बांटी गई मिठाई।

कार मंगाना ही थी पापा,
तो थोड़ी-सी बड़ी मंगाते।
तुम, मम्मी, हम दोनों बच्चे,
दादा-दादी भी बैठ जाते।

सोच तुम्हारी क्या है पापा
मुझको नहीं समझ में आई।

मां बैठेगी, तुम बैठोगे,
मैं भैया संग बन जाऊंगी।
पर दादाजी-दादीजी को,
बोलो कहां बिठा पाऊंगी।

उनके बिना गए बाहर तो
क्या न होगी जगत हंसाई?

मम्मी-पापा उनके बच्चे,
क्या ये ही परिवार कहाते
दादा-दादी, चाचा-चाची,
क्यों उसमें अब नहीं समाते!

परिवारों की नई परिभाषा,
मुझको तो लगती दुखदाई।।

नया साल आया

नया साल आया,
नई खुशी लाया।
दो बधाई सभी को,
कोई नहीं पराया।।

सर्वहित शुभकामना,
शुभ मंगल याचना।
सबके प्रति मन में,
पर उपकारी भावना।।

सबके हित का भाव,
ना कोई दुर्भाव।
प्यार से रहें सब,
बने ऐसा स्वभाव।।

नई किरण नया साल,
हृदय रखें विशाल।
सबका करें भला.
सबका रखें ख्याल।।
-हरजीत निषाद

hindi poem for class 3 students

Poem For Class 3 In Hindi

सर्दी रानी आओ जी,
साथ रजाई लाओ जी।
चुन्नू राजा रूठ रहे,
लोरी आकर गाओ जी।

पांव हमारे ठिठुर रहे,
हीटर जरा जलाओ जी।
भूख लगी है जोरों से,
किशमिश जरा खिलाओ जी।

पढ़ना लिखना याद रहे,
ऐसा गुर सिखलाओ जी।
शिक्षक का सम्मान करें,
सुन्दर सबक पढ़ाओ जी।

ठंड की रानी

देखो ठंड की रानी आई,
बगिया अब फूलों से छाई।
चादर ओढ़ के हर कोई बैठा,
सूरज की किरणें शर्माई।।

जले अलाव वहाँ सब बैठे,
सूरज निकला फिर भी लेटे।
स्वेटर शाल की मांग बढ़ी,
ठंडी हवा ने दौड़ लगाई।।

फ्रिज कूलर कोने में दुबके,
सिसक रहे हैं चुपके-चुपके।
ठंड लगी उनको भी भारी,
सोनू ने चादर उढ़ाई।।

घंटी बजी और बच्चे भागे,
इन्हें मौसम का डर न लागे।
सहन करना सीखो इनसे,
घबराओ नहीं ठंड से भाई।।
-कमलसिंह चौहान

Hindi Poem For Class 3 Students

खेलकूद की आजादी

हमें चाहिए, अजी चाहिए-
खेल-कूद की आजादी!

बोर करो मत पापा जी अब
हमको टोको ना,
क्रिकेट खेलेंगे दिन भर अब
हमको रोको ना।
खेल नहीं तो जीवन भी है
फीका-कितना फीका,
बिना खेल के अजी जायका
बिगड़ा है अब जी का!

बहुत सहा है, नहीं सहेंगे
अब हम कोई बंधन,
खेल नहीं तो पढ़ने में भी
कहाँ लगेगा मन!

खेल-कूद से ही आती है
हिम्मत कुछ करने की,
मुझे बताया करती थी यह
हँस-हँस प्यारी दादी।
इसीलिए तो हमें चाहिए,
खेल-कूद की आजादी!

खेल नहीं बेकार, इसे अब
दुनिया मान रही है,

Hindi Poem For Class 3 NCERT

झण्डा ऊँचा रहे हमारा

झण्डा ऊँचा रहे हमारा,
दुनिया में रंग इसका न्यारा।
शान से जब लहराता यह,
सबको लगता प्यारा प्यारा।।

नीचे रंग हरा लहरायें,
हरा रंग सर-सब्ज बनाये।
आन-बान कुर्बानी का रंग,
केसरिया ऊपर लहराया।।

श्वेत हंस-सा रंग बीच में,
कैसा मन को भाता है।
विश्व-शांति भाई-चारे का,
सबको पाठ पढ़ाता है।।

फिर देखो यह चक्र निराला,
दिन हो रात चले मतवाला।
रूकने का यह नाम न लेता,
बढे चलो की सीख यह देता।।

झण्डा ऊँचा रहे हमारा,
दुनिया में यह सबसे न्यारा।।
-डॉ. देवदत्त शर्मा

hindi poem for class 3 competition

Hindi Poem For Class 3 Ki Kavita

कुछ किस्से नए सुना लें

कुछ किस्से नए सुना लें,
कुछ मीठे गाने गा लें।

गुनगुना आज मौसम है
छोड़ो सब रोना-धोना,
कुछ गुब्बारे ले आएँ,
एक नन्हा रेल-खिलौना।
भैया, तुम रेल चलाना,
हम झंडी जरा हिला लें!

तुम बौने लेकर आना
हम सोने जैसी परियाँ,
फूलों की पोशाकें हों
बस, फूलों की ही छड़ियाँ।
सब मिल सपना बन जाए,
हम मिलकर उसे उछालें!

यह हवा कभी चुपके से
कहती है कथा-कहानी,
मन करता, बस्ता पटको
कर लो थोड़ी शैतानी।
तितली के पीछे दौड़ें-
हम खुशबू जरा उड़ा लें!

कुछ डाँट-डपट पापा की
मम्मी की बातें मीठी,
एक चूँ-चूँ करती चिड़िया
एक पीं-पीं करती सीटी।
इक गीत अजब-सा इनका
हम नए सुरों में ढालें!

Hindi Poem For Class 3 With Moral

नये वर्ष की बधाई

छोटू बन्दर बोला- भाई,
नये वर्ष की सबको बधाई।
हाथी, लोमड़, भालू, गीदड़,
गले मिलो सब भाई-भाई।

नया वर्ष सबको मंगल हो,
एक-दूजे को दो बधाई।
प्रण करें हम मिलकर सारे,
नहीं किसी से करें लड़ाई।

नये वर्ष की यही कामना,
जीवन में फैले खुशहाली।
नहीं किसी से वैर-भाव हो,
रैना सबकी हो उजियाली।
-महेन्द्र सिंह शेखावत

प्यारा-प्यारा अपना देश

जैसे नदियों का जल सागर,
में मिलकर हो जाता एक।
वैसे ही हर मानव रग में,
बहता रक्त सदा ही एक।

उसी तरह से धरती,
यहाँ वहाँ सब जगह एक।
भावनाएं एक हृदय की,
भाषाएं हैं किंतु अनेक।

रंग लहू का रहा एक है,
बहे एक-सी सदा समीर।
सब मानव, मानव धरती पर,
चाहे कोई रंक अमीर।

नाते-रिश्ते हैं समान जब,
फिर मानव में दूरी क्यों।
हिंसा नफरत वाली फिर है
ऐसी मजबूरी क्यों।

हरे-भरे ये पेड़ जुटाते,
सब जीवों को छाया एक।
प्रकृति मनोहर प्रेम लुटाती,
सब की सुन्दर काया एक।

तारे सबको शीतल करते,
सबका मामा चंदा एक।
देश हमारा एक सलौना,
मानव भी हैं एक।

भूल सकें हम भेदभाव गर,
बन जायेगा उपवन एक।
सभी फूल खुशबू फैलाते,
होते उनके रंग अनेक।

भारत माता के सपूत बन,
दें जग को ऐसा संदेश।
सारा विश्व कुटुम्ब है अपना,
प्यारा प्यारा अपना देश।
-डॉ. दिनेश चमोला

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Hindi Poem For Class 3 Recitation

गुरु

गुरु देते हमें ज्ञान,
हमको रखना है ध्यान।
पाठ जो वे सिखलाते,
भूल नहीं हम कभी पाते।।

सुबह सुबह पढ़ने से याद होता,
मन में बात भली भांति जम जाती।
गुरुजी मेहनत से हमें पढ़ाते,
ज्ञान दिशा की बातें याद आतीं।।

जो कुछ गुरुजन हमसे पूछे,
झट से उसे बतलाएं।
आगे रहें हरदम कक्षा में,
उत्तर अच्छे से बतलाएं।।

माता-पिता का रोशन करना नाम,
यह है सबसे पहले हमारा काम।
-ऋषि मोहन श्रीवास्तव

बिल्ली रानी

बिल्ली रानी बड़ी सयानी,
तुम खूब करती शैतानी।
कई चूहे पकड़े हैं उसने,
जैसे शेरनी की है नानी।
बिल्ली रानी बिल्ली रानी।।

बिल्ली मौसी नाम जुबानी,
म्याऊँ-म्याऊँ है गाया करती।
हर चूहे पर रौब जमाती,
दूध-मलाई चाट कर खाती।
बिल्ली रानी बिल्ली रानी।।

बिल्ली रानी करती मनमानी,
घर-घर ताक-झांक वह करती।
घूमे जैसे कोई महारानी,
दूर से आँखे ही चमकाती।
बिल्ली रानी, बिल्ली रानी।।

बचपन से ही करे नादानी,
जल्दी से हाथ नहीं है आनी।
कूद-फांद की शुरू कहानी,
खुद को समझे शेर की नानी।
बिल्ली रानी बिल्ली रानी।।
-खेमराज साहू

Hindi Poem For Class 3 CBSE

एक मटर का दाना

एक मटर का दाना था जी
एक मटर का दाना,
गोल-गोल था, सुंदर-सुंदर
था वह बड़ा सयाना!

घर से निकला, चौराहे पर
मिली उसे एक कार,
उछला-कूदा, कूदा-उछला
झटपट हुआ सवार
बैठ कार में, खूब अकड़कर

दौड़ा – दौड़ा – दौड़ा,
गलियाँ, सड़कें, चौरस्ते
सबको ही पीछे छोड़ा।
आगे-आगे, दौड़ा आगे
एक मटर का दाना!
एक मटर का दाना, था जो-
सचमुच बड़ा सयाना!

दिल्ली देखी, जयपुर देखा
कलकत्ते हो आया,
सभी अजूबे देख-देखकर
झटपट घर पर आया।
आ करके, नन्हे चुनमुन को
किस्सा वही सुनाया,
खूब हँसा वह, औरों को भी
खिल-खिल खूब हँसाया।

देखो, एक घुमक्कड़ समझो
मुझको जाना-माना,
इब्न बतूता संग घूमा हूँ
किस्सा बड़ा पुराना!
अजी मटर का दाना था वह

बुद्धिमान कहलाता है

मिले फूल से फूल तो,
गुलदस्ता बन जाता है।
ईंट से ईंट जुड़े तो देखो,
सुन्दर घर बन जाता है।।

छोटी-छोटी जल की बूंदें,
सागर बन लहराती हैं।
मिट्टी के कण-कण से ही,
यह पृथ्वी बन जाती है।।

पल-पल छोटा लगता है पर,
इससे युग बन जाता है।
पल-पल का जो मोल समझता,
बुद्धिमान कहलाता हैं।।
-डॉ. रतिराम सिंह

You must have liked Hindi Poem For Class 3 Competition. Children must have proved helpful in developing affection for poetry. At the same time, it has helped in changing the mindset of the children.

Poetry is said to be the basic way for children to learn thoughts and feelings in simple words that are woven into a fresh new rhythm and later reveal deeper meanings.

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