20+ Best Hindi Poem For Class 4 For Competition

We are sharing easy to learn Best Hindi Poem For Class 4 Competition. These articles will help children to learn their school syllabus of the Hindi Language.

Today we are sharing poetry in easy-to-learn language for class 4. In primary classes, children were taught poetry or stories for emotional, analytical, and mental development through the curriculum. You will be surprised to know that these poems and stories help children in their mental development. Poems, and stories improve reading, writing, speaking, and comprehension skills in children.

Hindi Poem For Class 4

Hindi Poem For Class 4

सत्य/सच

सच बोलो ये हमें सिखाया जाता है
और हम सीख लेते हैं
जब हमें लोग मिलने लगते हैं
तब झूठ भी सीख लेते हैं
तब हम अशुद्ध होने लगते हैं
मासूमियत खत्म होने लगती है
चालाकियां हर जगह दिखती हैं
सच बोलते बच्चे कभी फसते नहीं
झूठ बोलने से कोई लाभ नही
बेमतलब के झगड़ों में फस जाते हैं
निकल पाना जिससे आसान नही होता
सच बोलना ज़रूरी है
ये बताया तो जाता है
लेकिन क्यों बोलना चाहिए
ये कोई नहीं बताता
बच्चे सीख लेते हैं झूठ बोलना
खराब चीज़ हमें जल्दी प्रभावित करती है
जब बच्चे बड़े होते हैं
तो इसका मतलब समझते हैं
कभी कभी देर हो जाती है
इसलिए बताना ज़रूरी है
कि सच बोलना क्यों ज़रूरी है
नकाब पहनकर ज़्यादा देर ना चल पाओगे
चलते चलते कहीं ना कहीं गिर जाओगे
सच के रास्ते सर उठा कर
बिना डर के चलना है तो
सच ही बोलो
और सच बोलना भी चाहिए
झूठ में तुम फसोगे है
चाहे एक बार आज़मा लो।

प्रदूषण

पानी, हवा, मिट्टी
हर जगह दूषित है
साफ रखने को सब
किया सबको सूचित है
मगर फिर भी मनमर्ज़ीयां
है चल रही
गंदगी ही गंदगी
है हर जगह पल रही
विकास के नाम पर
फैक्ट्री है लग गई
पानी, हवा की गंदगी
की किसी ने न सोची
पेड़ ही पेड़ कट गए
मिट्टी को ढीली कर गए
सभ्य होना कुछ इस तरह
हम सीख गए
कुदरत के साथ खिलवाड़
जब भी है होता
बदला तो उसका किसी न किसी
रूप में है होता
गर्मी जो इतनी बढ़ गई है
प्रमाण गंदगी का दे रही है
बेवक्त जो बारिश है
असंतुलन की निशानी है
इस तरह चलता रहा
कुछ भी शायद न बचे
खुद तो हम जी लिए
किसी को‌ क्यो न जीने दें
संभल कर हर चीज़ का
इस्तेमाल हो
आज भी और कल भी
हर चीज़ का भंडार हो।

Hindi Poem For Class 4 For Competition

वादों

कहा जाता है वादे तोड़ने के लिए होते हैं
ऐसा कहने, करने वाले लोग झूठे होते हैं
जाने अनजाने हम ऐसा कर देते हैं
जब हम रूठे होते हैं
मगर यह विश्वास तोड़ना,
ग़लत बात है किसी की बात खोलना
वादों के जो पक्के हैं
वही इनसान सच्चे हैं
किया वादा निभा जाता है
वो हर कहीं सफ़ल हो जाता है
झूठा वादा करो ही मत‌
अगर निभा नही सकते
क्योंकि उसके बाद‌ की शर्मिंदगी
हम छुपा‌ नही सकते
भरोसा टूटता है तो
वापिस बनता नही
फिर वो‌ इंसान किसी को‌ जमता नही
सच्ची राह पर‌ चलते रहो
वादे‌‌ पूरे करते‌ रहो
अच्छा इन्सान वही होता है
जो सच्चा होता है।

समय

कहते हैं कि समय रुकता नही
बस चलता रहता है
पानी की तरह बहता रहता है
बर्बाद जो इसको कर देता है
पछतावा उसको बहुत होता है
समय किसी के लिए नहीं रुकता
इसको पकड़ना पड़ता है
यह बर्बाद ना हो
इसलिए कुछ करना पड़ता है
इसको पकड़ लिया तो सब आसान है
मगर आधी दुनिया नादान है
समझ ना सकी इस खेल को
समय के दिए संदेश को
तुम समझ सको तो समझ जाना
कुछ करना है तो थम जाना
इधर उधर तुम घूमोगे
तो हर राह पर
मुश्किलों से जुझोगे
तो वक्त की कद्र करना सीख लो
पानी अगर जीत हो
हासिल हो जाएगा सब
अगर बर्बाद इसे ना करोगे
वरना हार पर बैठ कर अपनी
तुम बड़ा पछताओगे।

Hindi Poem For Class 4 On Father

पापा

डैड, पापा, अब्बू, डैडी
जाने कितने ही नाम
एक पिता के होते हैं
लेकिन प्यार में कमी
कोई भी पापा नही छोड़ते हैं
उंगली पकड़कर चलना सिखाया
साईकिल भी नया दिलवाया
फिर अच्छे स्कूल मे दाखिल करवाया
अपने सपने छोड़कर पापा
हमें सपने देखना सिखाया
हर ज़िद पूरी की है मेरी
कपड़े, खिलोने , पिकनिक
थकते नही हो क्या तुम सुनकर
दिनभर सुनकर मेरी किट-पिट
प्यार करुं मै भी तुमको
कहना न आए मुझको
कोशिश मै फिर भी कर रहा हूं
पापा मै तुमको प्यार बहुत करता हूं
यह बात मै अपनी हर हरकत
मै बिना कहे जता रहा हूं।

Hindi Poem For Class 4 On Mother

जमीन पर जन्नत (माँ)

जमीन पर जन्नत मिलती है कहाँ
दोस्तों ध्यान से देखा करो अपनी मा
जोड़ लेना चाहे लाखों करोड़ो की दौलत
पर जोड़ ना पाओगे कभी माँ सी सुविधा
आते हैं हर रोज फरिश्ते उस दरवाजे पर
रहती है खुशी से प्यारी माएं जहाँ जहाँ
छिन लाती है अपनी औलाद की खातिर खुशियाँ
कभी खाली नही जाती माँ के मुहं से निकली दुआ
वो लोग कभी हासिल नही कर सकते कामयाबी
जो बात बात पर माँ की ममता में ढूँढते है कमियां
माँ की तस्वीर ही बहुत,बड़े से बड़ा मन्दिर सजाने को
माँ से सुंदर दुनिया में नही होती कोई भी प्रतिमा
माँ का साथ यूँ चलता है ताउम्र आदमी संग
जैसे कदमों तले झुका रहता हो सदा आसमां
माँ दिखती तो है जिस्म के बाहर सदा
पर माँ है रूह में मौजुद बेपनाह होंसला
कभी गलती से भी बुरा ना सोचना माँ के बारे में
ध्यान रहे माँ ने ही रचा हर जीवन का घोंसला
मर कर भी बसी रहती है माँ धरती पर ही अ नीरज
कभी नही होता औलाद की खातिर उसके प्रेम का खात्मा
-नीरज रतन बंसल ‘पत्थर’

Hindi Poem For Class 4 On Mother

Hindi Poem For Class 4 CBSE

तिरंगा

यूं तो हर देश में है
उनका झंडा लहराता
भारत देश का भी‌ झंडा है
तिरंगा जिसे कहा है जाता
केसरी ,सफेद और हरे रंग से
बना है तिरंगा हमारा
धर्मचक्र का प्रतीक है जो
सफ़ेद पट्टी में नीला तारा
राष्ट्र चिन्ह् और गौरव है ये
भारत का तिरंगा प्यारा
स्वतंत्रता और गणतंत्रता दिवस
को है जाता फहराया
जो तीन रंग है इसके
केसरी, सफेद, और हरा
कहते है ये कुछ हमको
है मतलब इसमें गहरा
केसरी रंग साहस और त्याग सीखाता है
सफ़ेद रंग शांती और सत्य की सीख हमे सिखाता है
हरे रंग का मतलब भी बड़ा निराला है
संस्कृति, विश्वास का पाठ हमे पढ़ाता है
जिस देश के झंडे का मतलब इतना गहरा है
उस भारत देश पर है गर्व मुझे
जिसका झंडा शान से लहरा है।

स्वास्थ

सुबह सूरज उगने से पहले उठो
व्यायाम करो , योगा‌ करो
नाश्ते मे‌ पोष्टिक आहार लो
स्कूल जाने से पहले
अगर सोते तुम रह जाओगे
कक्षा मे अव्वल नंबर कैसे लाओगे
तंदरुस्त रहना है तो
खाना-पीना नियंत्रित हो
बरगर, पिज़्ज़ा, कोलडरिंक से
हो सके तो दूरी ही रखो
खेल-कूद में भाग लो जम कर
दिमाग भी खूब निखरता है
बैठे रहने से स्वास्थ ही बिगड़ता है
देर रात तक जागोगे तो
सोते ही रह जाओगे
फिर ज़िंदगी में पीछे ही रह जाओगे
जल्दी सोना , जल्दी उठना
हर काम समय पर होता है
ज़िंदगी मे आगे बढ़ने से
फिर देखो कौन तुम्हे रोकता है
स्वास्थ है तो जीवन है
जीवन है तो काम
काम करना है तो पहले
स्वास्थ पे दो ध्यान।

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Hindi Poem For Class 4 Students

बचपन

खेल कूद से फुरसत नही है
बड़े होने की जल्दी पड़ी है
पढ़ना तो सरदर्दी है
सुबह-सुबह उठना पड़ता है
चाहे गर्मी है चाहे सर्दी है
फिक्र कोई कंधे पर नही है
मौज-मस्ती भरी ज़िंदगी है
खूबसूरत पलों की नदी में जो बहते हैं
उसे हम बचपन कहते हैं
बचपन की हर बात निराली है
उसकी हर बात प्यारी है
जी लो इस लम्हे को जितना जी सको
किसको पता है कल का
आज ही मे ज़िंदगी सारी है
बड़े होने की जल्दी न‌ करो
ज़िम्मेदारियों से अभी दूर रहो
यह पल वापिस नही आते
बचपन की याद है सताते
जी लो जितना जी सको इसको
बड़े होकर यही कहोगे
कि काश हम बच्चे होते।

You must have liked Hindi Poem For Class 4 Competition. Children must have proved helpful in developing affection for poetry. At the same time, it has helped in changing the mindset of the children.

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